HOW to CHECK Adulteration at HOME in Hindi - मिलावट - ADULTERATION - MILAVAT - घर पर करें जाँच -QUICK TEST FOR SOME ADULTERANTS IN FOOD

   मिलावट
Adulteration

1. परिचय (Introduction): 
समान (प्रोडक्ट) में ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए व्यापारी कुछ ऐसे सस्ते तत्वों का मिलावट करते है जो हमारी सेहत के लिए काफी नुकसान दायक होते है। जिन मिलावटी तत्वों से कैंसर,दिमाग की बिमारी ,नर्व तंत्र ख़राब होना,नपुंसकता,त्वचा रोग,एलर्जी,नवजात बच्चो की मृत्यु और महामारी जैसी घातक बीमारिया हो जाती है। कभी कभी घातक मिलावटी तत्व खेत से ही मिले हुए आ जाते और व्यापारी उसको अलग नहीं करवाते, मेहनताना बचने के लिए।

भारत में 52 % बीमारी मिलावटी तत्वों और कंटैमिनेशन की वजह से होता है जिसमे कीटनासक और मेटल से भी होने वाली बीमारियां शामिल होती है.


निचे दिये गए लिंक पे क्लिक करे और मिलावट के बारे में विस्तार से पढ़े  और दिए गये विधि से घर पे ही जाँच करें >>














मसाले में मिलावट ( SPICE ADULTERATION )

* दाल में मिलावट ( PULSES ADULTERATION)

*  आटे में मिलावट (ADULTERATION IN FLOURS)

* चावल में मिलावट ( RICE ADULTERATION )

* फल के रस में मिलावट ( JUICE ADULTERATION )

* सब्जी में मिलावट ( VEGETABLE ADULTERATION )
    * जहरीली डाई से रंगी हुई मटर ( Peas colored by Toxic Melachite green )

* नकली अण्डा घर पे जांचे ( FAKE EGGS - CHECK AT HOME )

* माँस में मिलावट 
   ( MEAT & MEAT PRODUCT ADULTERATION )

* केक और बेकरी सामान में मिलावट 
   (ADULTERATION IN CAKE & BAKARY PRODUCTS)

* आचार में मिलावट (Adulteration in Pickle)



मसाले में मिलावट 

(Adulteration in Spices)


2.1. असली दालचीनी की पहचान और उसमें मिले हुए चीन के दालचीनी से स्वाश्थ हानि (Identification of Pure Cinnamon Zeylanicum and health effect of Cassia bark as adulterant)

  • दालचीनी की छाल पतली और बेलनकार होती है। जोकि पेंसिल या पेन के चारो तरफ लपेटी जा सकती है। जबकि कैसिया बार्क कठोर और आसानी से नहीं टूटने वाला होता है। 
  • दालचीनी की छाल आसानी से टूट जाती है जबकि कैसिया बार्क में ज्यादा ताकत लगता है। 
  • दालचीनी हल्के भूरे रंग का होता है जबकि कैसिया बार्क गाड़े लाल रंग का होता है। 
  • दालचीनी में तेज़ खुसबू आती है और कैसिया बार्क में हल्की। 
स्वास्थ पर प्रभाव : कैसिया बार्क यानी चीन के दालचीनी में कौमारिन (Coumarin) की मात्रा ज्यादा होती है जिससे Liver पर प्रभाव पड़ता है। 
मिलावट का कारण : चीन की दालचीनी सस्ती मिलती है जिससे व्यापारी को ज्यादा फायदा मिलता है। 

2.2. रंगे हुये बुरादे की मिलावट की जाँच हल्दी पाउडर में और दुष्प्रभाव (Detection of Saw dust as Adulterant in Turmeric Powder):

दुष्प्रभाव : व्यापारी ज्यादा मुनाफे के लिए रंगे हुए बुरादे की मिलावट हल्दी पाउडर में कर देते है। जिससे 
  • कैंसर हो सकता है (Carcinogenic)
प्रयोग (Experiment) : 
  • एक पूरा चम्मच हल्दी पाउडर एक परखनली में डाले। 
  • फिर उसमे उतना ही कॉन्सेंट्रेटेड हाइड्रोक्लोरिक एसिड (Concentrated HCL) डाले। 
  • यदि गुलाबी रंग आये तो उसमें पानी डाले , पानी डालने पर भी यदि गुलाबी  रंग बना रहा तो इसका मतलब है की हल्दी पाउडर में रंगा हुआ बुरादा मिला है। 
2.3. खड़े हल्दी में लेड क्रोमैट की पहचान और दुष्प्रभाव (Detection of Lead (II) Chromate in Whole Turmeric):


मिलावट का उदेश्य : व्यापारी हल्दी को ज्यादा चमकीला और अच्छी क्वालिटी का दिखाने  के  लिए लेड क्रोमेट की मिलावट करते है। 

दुष्प्रभाव : कैंसर , शरीर में जहर बनना , जनन छमता में कमी , हृदय विकार , त्वचा रोग। 

प्रयोग : 

  • एक गिलास पानी में खड़ी हल्दी डाले।
  • हल्दी डालते ही पानी का रंग पिला हो जाता है। 
  • तो उसमे लेड क्रोमैट मिला हुआ है। 
2.4. हल्दी में चाक पाउडर की मिलावट की जांच और उसके दुष्प्रभाव
(Detection of chalk powder in Turmeric Powder and their Health Effect):


मिलाने का उदेश्य : चाक पाउडर मिलाने से हल्दी की मात्रा ज्यादा हो जाती है जिससे व्यापारियों को ज्यादा लाभ मिलता है। 

दुष्प्रभाव : पथरी होना, पेट ख़राब होना। 

  • एक चम्मच हल्दी पाउडर  लगभग 25 मिली ०  पानी में डाले। 
  • यदि उसमें से बुलबुले निकले तो उसमे चाक पाउडर मिला। 
2.5. मिलावटी हींग की पहचान (Detection of Foreign Resin in Asafoetida): 


मिलावट का कारण : व्यापारी ज्यादा मुनाफ़ा कमाने के लिए हींग में हींग जैसी ही दूसरी रेज़िन, गम अरबिक, चाक, आटा, सोप स्टोन या स्टार्च मिला देते है। 



स्वास्थ पर प्रभाव : हींग में मिलाया गया दूसरा रेज़िन जहरीला हो सकता है।

प्रयोग : 
  • एक चम्मच में हींग ले 
  • फिर उस हींग को जलाये। 
  • यदि हींग कपूर की भांति जलता है तो हींग 100 %शुद्ध हैं यदि नहीं जलता हैं तो इसका मतलब हींग शुद्ध नहीं है। उसमें आटा या कुछ और मिला हुआ हैं। 
2.6. पाउडर मसाले में अरारोट की मिलावट जाँच और उसका दुष्प्रभाव (Added starch detection in Powdered Spices and their Health Effect):

प्रयोग (Experiment ): 
  • हल्दी पाउडर पर कुछ बून्द आयोडीन सोलुशन डाले। 
  • यदि नीला रंग आये तो उसमे अरारोट मिला हुआ है। 

2.7. सरसों और राई में सत्यानाशी की मिलावट की जाँच और दुष्प्रभाव (Argemone seed as adulterant in Mustard seed & Fine Mustard): 

दुष्प्रभाव (Health Effect):

सत्यानाशी के बीज में सैंगुइनारिणे (Sanguinarine) और दिह्यड्रोसैंगुइनारिणे (Dihydrosanguinarine)नाम के दो बहूत ही जहरीले केमिकल होते है। इसके प्रयोग से निम्नलिखित रोग होते है। 
  • गर्भपात 
  • एपिडेमिक ड्रोप्सी 
  • ग्लूकोमा 
  • हार्ट अटैक (कार्डियक अरेस्ट)
  • ब्लाइंडनेस 
  • फेफड़ो का बड़ा होना  
  • कैंसर 
प्रयोग (Experiment): 
  • लगभग १० ग्राम सरसो या राई एक सफ़ेद कागज पर ले 
  • फिर जैसे चावल साफ करते है वैसे ही चित्र में दिखाये गए सत्यानाशी बीज को पहचान कर अलग करे यदि एक भी दाना सत्यानासी का मिले तो उस सरसो या राई का प्रयोग ना करे और ना ही उससे निकले तेल का. 
2.8. कालीमिर्च में मिलावटी तत्व की जांच और दुष्प्रभाव (Detection of adulterant in Black pepper and their health effect): 
मिलावटी तत्व :
  • पपीते का बीज 
  • मिनरल आयल की परत वाला कालीमिर्च. 
2.8.1. काली मिर्च में पपीते के बीज की मिलावट - Adulteration of Papaya Seed in Black Paper: 
१- लगभग 5 ग्राम काली मिर्च एक गिलास अल्कोहल में डाले   २- यदि 5 मिनट बाद भी  यदि कुछ बीज तैरते रहे तो उसमे पपीते के बीज मिले हुए है या काली मिर्च के खोखले बीज है 
  • तैरते हुए बीज से कुछ बीज निकाले और उंगलियो के से दबाये यदि खोखला कालीमिर्च होगा तो आसानी से टूट जायेगा। 
  • पपीते के बीज को आसानी से पहचान कर अलग किया जा सकता है। पपीते का बीज आकार में गोल और रंग में हरा-भूरा या भूरा-काला दिखायी देता है। 
2.8.2. मिनरल आयल की परत वाला कालीमिर्च:
  • यदि कालीमिर्च पर मिनरल आयल, यानी केरोसिन या मशीन में डालने वाले तेल की परत चढ़ी होगी तो उसमे से केरोसिन आयल की महक आएगी। 
2.9. लौंग में मिलावट की जांच और दुष्प्रभाव (Detection of adulterant in Clove and their Health Effect):

2.9.1. मिनरल आयल की परत वाला लौंग :
  • यदि लौंग पर मिनरल आयल, यानी केरोसिन या मशीन में डालने वाले तेल की परत चढ़ी होगी तो उसमे से केरोसिन आयल की महक आएगी। 
2.9.2. तेल निकले हुये लौंग की पहचान (Exhausted clove):
  • तेल निकले हुए लौंग की पहचान उसके छोटे आकार और सिकुड़े होने से होती है। ऐसे लौंग में असली लौंग की अपेछा कैम खुसबू होती है। 

चावल और दाल में मिलावट 

(Adulteration in Rice and Pulses)


3.1. बासमती चावल में मिलावट या नकली बासमती चावल की पहचान घर पर (Identification of fake Basmati Rice and admixture of Basmati Rice)


  • बासमती का संधिविच्छेद बास = सुगंध , मती = भरा होना 
  • सुगंध से भरा होना = बासमती 
  • बासमती ही एकमात्र ऐसा चावल है जो पकाने के बाद अपनी लम्बाई का दोगुना हो जाता है या उससे भी ज्यादा लम्बा  और उसकी खुसबू सारे चावलों से अच्छी होती है। 
  • बासमती का स्वाद मीठा होता है। 
  • बासमती चावल कुछ पारदर्शी होता है और तलवार की तरह चमक होती है। 
  • अगर आप स्केल से नापे तो इसकी एवरेज लम्बाई 6.2 mm से 8.9 mm और चौड़ाई 1. 6 mm से 1.9 mm होता है। 
मिलावट का कारण : प्योर बासमती की खेती प्रति एकर बहोत कम होती है जिससे व्यापारी को नुक्सान होता है। उसे पूरा करने के लिए व्यापारी उसमे सस्ते चावल मिलाते है।  


हानि : कम क्वालिटी के चावल की मिलावट की वजह से ना आप को वो स्वाद मिल पाता है ना ही पोसक तत्व। 



3.2. अनपॉलिशड  Rice और पोलिश Rice में अंतर , जाने - कौन सा चावल बेहतर होता है 

Difference between polished and Unpolished Rice, Which one is better for Us:
  • खेत से धान निकलने के बाद उसकी ऊपर वाली परत हटायी जाती है, तब तक तो चावल को अनपॉलिशड माना जाता है। लेकिन चावल को आकर्षित और अच्छी क्वालिटी का दिखाने के लिए उसे रगड़ कर चमकाया जाता है, जिसे पोलिश चावल कहते है।  
  • चावल को चमकाने की प्रक्रिया दौरान ऊपरी परत में मौजूद विटामिन बी 1 , विटामिन बी 2 , आयरन , मैग्नीशियम और सबसे महत्वपूर्ण डाइटरी मिनरल नष्ट हो जाते है। और जिससे हमारी शरीर को चावल का पूर्ण न्यूट्रिशन नहीं मिल पाता। 
  • इसलिए  अनपॉलिशड चावल , पॉलिशड चावल से  बेहतर होता है।
3.3. खेसरी दाल की मिलावट अरहर और चना दाल में (Adulteration of Khesari Dal (Lathyrus Sativus) in Arhar Dal & Chana Dal)
Detection of Khesari dal in Arhar dal & Chana dal

  •  लगभग १००ग्रम अरहर या चने की दाल ले
  • फिर उसमे खेसरी दाल को चित्र के अनुसार पहचाने
  • यदि एक भी दाना खेसरी दाल का दिखे तो उस दाल का प्रयोग नहीं करे क्योकि उसमे एक बहूत ही जहरीला पदार्थ β-oxalyl-L-α,β-diaminopropionic acid (ODAP, also known as β-N-oxalyl-amino-L-alanine, or BOAA) जिससे Lathyrism होता है। 


शहद में मिलावट 
(ADULTERATION IN HONEY)

4.1. शहद (HONEY ) शुद्ध नहीं तो जाँचे कैसे ? सहद (HONEY ) में अगर चीनी का घोल मिला है तो वो आपके वजन को घटाएगा नहीं बल्कि बीमारियो को बुलाएगा (Detection of Adulterants in Honey):शहद में चीनी के घोल की Testing पानी द्वारा 
  • एक बून्द (drop ) शहद (Honey ) एक गिलास पानी में डाले 
  • यदि शहद की बून्द फैल (disperse ) जाये पानी में तो सहद में चीनी का घोल मिला है 
  • यदि न फैले तो शहद असली है
शुगर सिरप की मिलावट शहद में 

4.2. शहद में चीनी के घोल की टेस्टिंग रुई (cotton) या मोमबत्ती (candle ) द्वारा 
  • एक रुई (Cotton ) का टुकड़ा या मोम बत्ती  शहद से भिगोये
  • फिर उस रुई के टुकड़े को माचिस से जलाये 
  • यदि वो जल जाता है तो शहद शुद्द है यदि नहीं जलाता है या जलता हैं तो पानी की छिटछिटाहट (Cracking sound ) आती है तो उसमे चीनी का घोल मिला हुआ है
 4.2. शहद में पानी का टेस्ट 
        (Adulteration of water in Honey) 
पानी की मिलावट शहद में 

  • शहद की कुछ बून्द टिश्यू पेपर (ब्लॉटिंग पेपर /पेपर टॉवल ) पर डाले 
  • यदि पेपर गिला हो जाता है या शहद को सोख (Absorb ) कर ले तो 
  • शहद में शुगर सिरप मिला हुआ है 
  • यदि Absorb न करे तो शुद्ध HONEY है 


दूध और दूध से बने पदार्थों में मिलावट
(Adulteration in Milk & Milk Products)



5.1. घातक यूरिआ की पहचान दूध में:


मिलावट का स्रोत और उदेश्य: यूरिया आसानी से एग्रीकल्चर स्टोर पर मिल जाता हैं।  दुध के प्रोटीन की मात्रा टेस्टिंग में अधिक आये इसलिए उसमें यूरिआ मिलते हैं।क्युकि प्रोटीन की मात्रा जिस विधि से निकलते हैं उसमें नाइट्रोजन की मात्रा निकाल के कैलकुलेट करते हैं  यूरिया में नाइट्रोजन होता हैं जो टेस्टिंग में प्रोटीन की गलत कैलकुलेशन करवाता है। 
स्वास्थ पर दुस्प्रभाव:  फेफड़े पर दुष्प्रभाव , हृदय रोग , लिवर रोग.
  • एक पूरा चम्मच (लगभग २ मिली० ) दुध एक परखनली में ले। 
  • उसमें आधा चम्मच सोयाबीन या अरहर का पाउडर मिलाये। 
  • हिला के उन्हें अच्छे से मिलाये।
  • 5 मिनट के बाद लाल लिटमस पेपर उससे भिगोये और 30 सेकंड के बाद लिटमस पेपर को निकल कर देख.
  • यदि लिटमस पेपर लाल से नीला हो जाये तो उसमें यूरिया मिला हुआ है।
5.2. मिलावटी स्टार्च की पहचान (Adulteration of Starch in Milk) :  
मिलावट का स्रोत और उदेश्य: स्टार्च आसानी से किराना स्टोर पर मिल जाता है/ स्टार्च के मिलावट से दुध गाढ़ा हो जाता हैं जिससे गलत फ़हमी हों जाती है की दुध अच्छी क्वालिटी का हैं।

स्वास्थ पर दुस्प्रभाव : दाँतो को नुक्सान , ज्यादा स्टार्च खाने से मोटापा , धन का नुकसान।  
  • एक पूरा चम्मच (लगभग २ मिली० ) दुध एक परखनली में ले। 
  • उसमें २-५ बूंद आयोडीन का घोल डाले। 
  • कुछ ही छड़ में यदि नीला रंग दिखाई दे तो उसमें स्टार्च मिला हुआ हैं।
  • आयोडीन आप के नजदीकि मेडिकल स्टोर पर आसानी से मिल जाता हैं। 

5.3. ज्यादा पानी की पहचान दूध में (Adulteration of water in Milk): 

नुकसान / स्वाश्थ पर प्रभाव : धन का नुक़सान , गंदे पानी द्वरा बीमारी मिलावटी तत्व : पानी 
जाँच प्रक्रिया:
  • एक बूँद दुग्ध एक झुकें हुए सतह पर गिराये जैसा कि चित्र में दिखाया गया है 
  • दुग्ध कि बूंद निचे ढलते हुये यदि धिरे धिरे ढलती है और एक सफ़ेद चिन्ह छोड़ती है तो दुग्ध शुद्ध है 
  • अगर उसमे पानी मिला होगा तो बहूत तेजी से ढलेगी और कम सफ़ेद चिन्ह छोडेगी। 

5.4. वनस्पति तेल की पहचान दूध में और उसका स्वास्थ पर प्रभाव (Adulteration of Vegetable oil in Milk):
स्वास्थ हानि : कोलेस्ट्रोल बढ़ना, मधूमेह, धमनी रोग , धन कि हानि। 
मिलावट का श्रोत और कारण : वनस्पति तेल / वनस्पति तेल मिलाने से वसा की मात्रा बढ़ जाती जिससे दूध अच्छी क्वालिटी का प्रतित होता हैं। 
  • लगभग ३ मिलि ० दूध एक परखनली में ले। 
  • उसमें १० बून्द हीड्रोक्लोरिक एसिड मिलाए और उसमें एक चम्मच चीनी घोले। 
  • 5 मिनट के बाद देखें।
  • यदि लाल रंग दिखें तो उसमे वनस्पति का तेल मिला हुआ हैं।
  

देशी घी में मिलावट
(Adulteration in Desi Ghee)


6.1. कोल् तार डाई की जांच देशी घी और मक्खन में - p –Phynylenediamine (Detection of Col tar Dye):
स्वास्थ हानि :
  • कैंसर  (Cancer)
  • मस्तिष्क की  बीमारी (Brain disorder)
जाँच प्रक्रिया :
  •  5 मिली लीटर अम्ल (H2SO4 or HCL acid) एक चम्मच घी में डाले
  • अच्छे से हिलाये 
  • यदि H2SO4 के साथ गुलाबी रंग (Pink color) और HCL के साथ चटक लाल कलर आए तो  देसी घी  में  कोल् तार डाई मिला हुआ है 
6.2. उबला हुए आलू की जांच देशी घी में
      (Detection of Massed potato in Desi Ghee):
  • एक चम्मच देशी घी ले कर उसमे 4 -5 बून्द आयोडीन डाले। 
  • यदि नीला रंग आये तो उसमे उबला हुआ आलू ( mashed potato ) मिला हुआ है 
मिलावटी देशी घी 

6.3. देशी घी में वनष्पति घी की मिलावट की जांच
(Detection of Adulteration of Vanaspati Ghee in Desi Ghee):

Jach Prakriya:
  • एक परखनली  या शीशे के  पतले गिलास में एक चम्मच घी डाले
  • फिर उसमे उतना ही HCl (हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ) डाले
  • एक चुटकी चीनी डालें और एक मिनट तक हिलाये
  • यदि क्रिमसन कलर (कटक लाल रंग ) दिखाई दे तो उसमे वनाशपति घी या मार्जरीन की मिलावट है 


 अण्डे और मीट में मिलावट 
ADULTERATION IN EGGS & MEAT PRODUCTS
7.1. मिलावटी अण्डे की पहचान 
(Identification of Pure Country eggs,(Desi Anda), Broiler egg and Chemical egg):

अपने देश में तीन तरह के अण्डे मिलते है। 

देशी अण्डा - प्रोटीन से भरा हुआ होता है अण्डा आकर में छोटा और हल्के लाल रंग का होता है, कुछ सफ़ेद भी होते है लेकिन छोटे ही रहते है जो की भारत के गाँवो में और छोटे क़स्बे में मिल जाता है। ज्यादा तर लोग इसे अपने प्रयोग के लिए ही मुर्गी को पालते है। लेकिन आज- कल बॉयलर अण्डे को चाय से रंग कर शहरों के मॉल और सुपर मार्किट में बेचते है देशी अण्डा बता के, जो महंगा होता है।  
असली और नकली अण्डे की पहचान 

  • देसी अण्डा पहचानने का तरीका - चाय की पत्ती से रंगे गये अण्डे को जब आप उबालेंगे तो चाय की पत्ती का रंग निकलकर पानी में आने लगता है जिससे पानी का रंग हल्के चाय की पत्ती की तरह दिखाई देता है। 
  • बायलर या हाइब्रिड चिकन अण्डा - ये अण्डे मुर्गीयो को हॉर्मोन्स के इन्जेक्शन लगा के पैदा किये जाते है, इसमें मुर्गे का कोई योगदान नहीं होता, इन अण्डो को चाय की पत्ती से रंग के देशी अण्डे की भाँति दिखाया जाता है। 
  • केमिकल एग - ये चीन के बने हुए अण्डे होते है जिसकी बाहरी खोल (shell ) कैल्शियम कार्बोनेट की बनी होती है, अण्डे की जर्दी और अण्डे की सफ़ेदी सोडियम एल्गिनेट (sodium alginate), एलम (Alum), जेलेटिन (gelatin), कैल्शियम क्लोराइड (eatable calcium chloride), रंग (color) से बनी होती है। 
  • केमिकल एग  और ब्रायलर अण्डे की पहचान :
  • केमिकल एग हल्का चमकीला होता है, ब्रायलर अण्डे की तुलना में। 
  • केमिकल एग की सतह खुरदुरी होती है।  
  • केमिकल एग को हिलाने पर आवाज आती है। 
  • ब्रायलर एग की महक कच्चे मांस की तरह आती है।  
  • जब हम केमिकल एग को फ्राई करते है तो जर्दी बिना फैलाये ही अपने आप फ़ैल जाती है। 
मिलावट का कारण : बस केवल ज्यादा मुनाफ़ा कमाने के लिए व्यापारी अपने ही देश वासियो की सेहत के साथ खेल रहे है। 
स्वास्थ हानि : केमिकल एग खाने से, शरीर के अंदर ज़हरीले तत्व बनते है जिससे ढेर सारी बीमारिया हो सकती है।  






                 केक और बेकरी सामान में मिलावट

(ADULTERATION IN CAKE & BAKARY PRODUCTS)


8.1. केक, कॉफ़ी , चॉकलेट और बेकरी सामान में मिले हुए अरारोट की पहचान (Detection of Starch in cake, coffee, chocolate & Bakery products): 

जाँच प्रक्रिया:
  • लगभग १/४ चम्मच सैंपल एक परखनली में ले। 
  • उसमे 3 मिलीलीटर पानी डाले।
  • एक दुआ रहित आग से गरम करे, रंग आने तक। 
  • लगभग 33 मिलीलीटर पोटैशियम-परमैग्नेट और मुरिएटिक एसिड (१:१) रेश्यो में डाले , जिससे रंग चला जायेगा। 
  • फिर उसमे १ % आयोडीन सोलुशन डाले , अगर नीला रंग बने तो उसमे स्टार्च मिला हुआ है।
 8.2. चिकोरी की मिलावट कॉफ़ी और चॉकलेट पाउडर में
(Detection of Chicory in Coffee & Chocolate Powder):

  • जब हम कॉफ़ी या चॉकलेट पाउडर को एक गिलास पानी में छिड़के तो कॉफ़ी और चॉकलेट पाउडर पानी के ऊपर तैरेंगे लेकिन चिकोरी निचे बैठ जाएगी। 
  • चिकोरी पाउडर निचे बैठते समय एक रंग छोड़ती है ज्यादा कारमेल होने के कारण। 



आटे में मिलावट 
(ADULTERATION IN FLOURS)

9.1. मेटानिल येलो की मिलावट बेसन में 
(Adulteration on Metanil yellow –Toxic food color in Gram flour)

मिलावटी तत्व : मेटानिल येलो 
मेटानिल येलो बेहद ही जहरीला रंग है जो पूरे एशिया में खाद्य पदार्थो को चमकीला रंग देने के लिए प्रयोग किया जाता है। 

शुद्ध सामग्री : बेसन 

स्वास्थ हानि :
  • तंत्रिका तंत्र को नुक्सान 
  • लकवा 
मिलावट की वजह : 
बेसन को चमकीला बनाना ताकि बेसन अच्छी गुणवक्ता का दिखे। 

जाँच प्रक्रिया:
1.शीर्षक: 
              मेटानिल येलो का परिक्षण बेसन में।                
2.अभिकर्मक (रीजेंट):
  • अल्कोहल 
  • हाइड्रोक्लोरिक एसिड 
    3 .उपकरण: 
·         परखनली 
·          पिपेट (विन्दुक)

    4 .जाँच प्रक्रिया: 
·          लगभग आधा चम्मच बेसन एक परखनली में ले। 
·          फिर उसमे ३ मिलीलीटर अल्कोहल डाले। 
·          हिलाते हुए मिलाये। 
·          फिर १० बूंद हाइड्रोक्लोरिक एसिड डाले। 
·          यदि गुलाबी रंग आता है तो बेसन में मेटानिल येलो मिला हुआ है। 
·          एक प्रयोग से आप 50 ppm तक मेटानिल येलो का पता कर सकते है। 





आचार में मिलावट
(Achar me fitkari ki Milawat)



10.1. फिटकरी की मिलावट आचार में 

         (Adulteration of Camphor in Pickle):

मिलावटी तत्व : फिटकरी (एलम)

एलुमिनियम सल्फेट का कोई भी फॉर्म फिटकरी होता है। जो जहरीले रूप में भी हो सकता है। आचार में पिकलिंग के लिए फिटकरी का उपयोग किया जाता है KAl(SO4)2·12H2O.  जो  की आचार को खस्ता और सख्त बनाता है। 


असली : फिटकरी रहित आचार 

स्वाश्थ लाभ : फेफड़े को नुक्सान 


जाँच प्रक्रिया:

  •  लगभग 10 ग्राम  आचार एक डिश में लेकर जलाये। 
  • फिर उसे 100 मिलीलीटर खौलते पानी में घोले और 
  • फ़िल्टर पेपर से फ़िल्टर करे। 
  • फिर उसमें अमोनियम क्लोराइड सलूशन। 
  • यदि फिटकरी होगी तो प्रेसिटेट बन जायेगा। 
  सन्दर्भ:  FSSAI Manual on adulteration, Part – 2.



जूस में मिलावट
Adulteration in Fruit Juice


फल के जूस में मिलावट आम बात है जिसमे पानी भी हो सकता है या कुछ हानिकारक केमिकल जो फल के जूस  को रंगीन और सुगन्धिक बनाने के लिए प्रयोग किये जाते है। कुछ तो जान बुझ के प्रयोग करते है अच्छा मुनाफा कमाने के लिए और कुछ अन्जान में, कारण कुछ भी नुकसान तो आप की सेहत को होता है। 



11.1. पानी की मिलावट जूस में
         (Adulteration of Water in Fruit juice):

मिलावटी तत्व : पानी , ये पानी भी शुद्ध होगा या नहीं ये भी संदेह है। 

मिलावट का कारण : धनलाभ 

स्वाश्थ पर प्रभाव : जो पोषक तत्व हमें जूस से मिलते है यो पानी की मिलावट के कारण नहीं मिल पता है, उसमे प्रयोग में लाया पानी भी दूषित हो सकता है.



प्रक्रिया : पानी के मिलावट की पहचान जूस में . 

जाँच प्रक्रिया:
  • एक मापने का सिलिंडर ले और उसमे १०० मिलीलीटर जूस नापे  
  • फिर उस जूस को बीकर या किसी पात्र में उबाले। 
  • और उसे गाढ़ा करें 
  • जब गाढ़ा हो जाये तो उसे फिर से मापने वाले सिलिंडर में डाल के मापे, क़ि कितनी मात्रा में पाना वाष्पित हो गया। 
  • जितना जूस बचा होगा उसे पढ़े और जूस के डब्बे पे लिखे हुए पल्प कंटेंट / फ्रूट कंटेंट से मिलाये यदि उतनी ही जूस वाष्पित करने पे बचा है तो जूस में पानी नहीं मिला है यदि कम है तो उसमे पानी मिला हुआ है। 
सन्दर्भ : Fem Analytika/SOP/A001




खाने और लगाने के तेल में मिलावट 
(Adulteration of in eatable and Hair Oils)

12.1. अरण्डी के तेल की मिलावट खाने के तेल में 
मिलावटी तत्व: अरण्डी का तेल (कैस्टर आयल )- 
अरण्डी तेल बहोत ही अधिक मात्रा में जैतून तेल , सूरजमुखी और सोयाबीन तेल में मिलाया जाता है ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए। अरण्डी तेल पीले रंग का तरल पदार्थ है जो अरण्डी (रिसिनुस् कम्युनिस) के बीज से निकालते है। स्वाद में कड़वा होता है। 
शुद्ध प्रोडक्ट :

  • जैतून तेल 
  • सूरजमुखी का तेल 
  • अरण्डी तेल 
  • सोयाबीन का तेल 

स्वाश्थ हानि :
  • आंत्र रोग 
  • आंत में फोड़ा 
  • पेट दर्द 
  • उल्टी 
  • दस्त 

प्रयोग :
  • १ मिलीलीटर तेल एक परखनली में डाले और उसमे १० मिलीलीटर अम्लीय पेट्रोलियम ईथर (acidified petroleum ether).
  • 2 मिनट हिलाये और उसमें १-२ बून्द Molybdate reagent डाले। 
  • यदि तुरंत ही मैलापन (turbidity) आये तो उसमे अरण्डी का तेल है। 
संदर्भ :
  •    IS : 548 (Part II) - 1976
  • I.S.I. Handbook of Food Analysis (Part XIII) –1984 Modified test for presence of Castor oil, page 91