मसाले में मिलावट (Adulteration in Spices)

2.1. असली दालचीनी की पहचान और उसमें मिले हुए चीन के दालचीनी से स्वाश्थ हानि (Identification of Pure Cinnamon Zeylanicum and health effect of Cassia bark as adulterant)

  • दालचीनी की छाल पतली और बेलनकार होती है। जोकि पेंसिल या पेन के चारो तरफ लपेटी जा सकती है। जबकि कैसिया बार्क कठोर और आसानी से नहीं टूटने वाला होता है। 
  • दालचीनी की छाल आसानी से टूट जाती है जबकि कैसिया बार्क में ज्यादा ताकत लगता है। 
  • दालचीनी हल्के भूरे रंग का होता है जबकि कैसिया बार्क गाड़े लाल रंग का होता है। 
  • दालचीनी में तेज़ खुसबू आती है और कैसिया बार्क में हल्की। 
स्वास्थ पर प्रभाव : कैसिया बार्क यानी चीन के दालचीनी में कौमारिन (Coumarinकी मात्रा ज्यादा होती है जिससे Liver पर प्रभाव पड़ता है। 
मिलावट का कारण : चीन की दालचीनी सस्ती मिलती है जिससे व्यापारी को ज्यादा फायदा मिलता है। 

2.2. रंगे हुये बुरादे की मिलावट की जाँच हल्दी पाउडर में और दुष्प्रभाव (Detection of Saw dust as Adulterant in Turmeric Powder):

दुष्प्रभाव : व्यापारी ज्यादा मुनाफे के लिए रंगे हुए बुरादे की मिलावट हल्दी पाउडर में कर देते है। जिससे 
  • कैंसर हो सकता है (Carcinogenic)
प्रयोग (Experiment) : 
  • एक पूरा चम्मच हल्दी पाउडर एक परखनली में डाले। 
  • फिर उसमे उतना ही कॉन्सेंट्रेटेड हाइड्रोक्लोरिक एसिड (Concentrated HCL) डाले। 
  • यदि गुलाबी रंग आये तो उसमें पानी डाले पानी डालने पर भी यदि गुलाबी  रंग बना रहा तो इसका मतलब है की हल्दी पाउडर में रंगा हुआ बुरादा मिला है। 
2.3. खड़े हल्दी में लेड क्रोमैट की पहचान और दुष्प्रभाव (Detection of Lead (II) Chromate in Whole Turmeric):


मिलावट का उदेश्य : व्यापारी हल्दी को ज्यादा चमकीला और अच्छी क्वालिटी का दिखाने  के  लिए लेड क्रोमेट की मिलावट करते है। 
दुष्प्रभाव : कैंसर शरीर में जहर बनना जनन छमता में कमी हृदय विकार त्वचा रोग। 

प्रयोग : 

  • एक गिलास पानी में खड़ी हल्दी डाले।
  • हल्दी डालते ही पानी का रंग पिला हो जाता है। 
  • तो उसमे लेड क्रोमैट मिला हुआ है। 
2.4. हल्दी में चाक पाउडर की मिलावट की जांच और उसके दुष्प्रभाव
(Detection of chalk powder in Turmeric Powder and their Health Effect):


मिलाने का उदेश्य : चाक पाउडर मिलाने से हल्दी की मात्रा ज्यादा हो जाती है जिससे व्यापारियों को ज्यादा लाभ मिलता है। 

दुष्प्रभाव : पथरी होनापेट ख़राब होना। 

  • एक चम्मच हल्दी पाउडर  लगभग 25 मिली ०  पानी में डाले। 
  • यदि उसमें से बुलबुले निकले तो उसमे चाक पाउडर मिला। 
2.5. मिलावटी हींग की पहचान (Detection of Foreign Resin in Asafoetida): 


मिलावट का कारण : व्यापारी ज्यादा मुनाफ़ा कमाने के लिए हींग में हींग जैसी ही दूसरी रेज़िनगम अरबिकचाकआटासोप स्टोन या स्टार्च मिला देते है। 


स्वास्थ पर प्रभाव : हींग में मिलाया गया दूसरा रेज़िन जहरीला हो सकता है।
प्रयोग : 
  • एक चम्मच में हींग ले 
  • फिर उस हींग को जलाये। 
  • यदि हींग कपूर की भांति जलता है तो हींग 100 %शुद्ध हैं यदि नहीं जलता हैं तो इसका मतलब हींग शुद्ध नहीं है। उसमें आटा या कुछ और मिला हुआ हैं। 
2.6. पाउडर मसाले में अरारोट की मिलावट जाँच और उसका दुष्प्रभाव (Added starch detection in Powdered Spices and their Health Effect):

प्रयोग (Experiment ): 
  • हल्दी पाउडर पर कुछ बून्द आयोडीन सोलुशन डाले। 
  • यदि नीला रंग आये तो उसमे अरारोट मिला हुआ है। 

2.7. सरसों और राई में सत्यानाशी की मिलावट की जाँच और दुष्प्रभाव (Argemone seed as adulterant in Mustard seed & Fine Mustard): 

दुष्प्रभाव (Health Effect):

सत्यानाशी के बीज में सैंगुइनारिणे (Sanguinarine) और दिह्यड्रोसैंगुइनारिणे (Dihydrosanguinarine)नाम के दो बहूत ही जहरीले केमिकल होते है। इसके प्रयोग से निम्नलिखित रोग होते है। 



  • गर्भपात 
  • एपिडेमिक ड्रोप्सी 
  • ग्लूकोमा 
  • हार्ट अटैक (कार्डियक अरेस्ट)
  • ब्लाइंडनेस 
  • फेफड़ो का बड़ा होना  
  • कैंसर 
प्रयोग (Experiment): 
  • लगभग १० ग्राम सरसो या राई एक सफ़ेद कागज पर ले 
  • फिर जैसे चावल साफ करते है वैसे ही चित्र में दिखाये गए सत्यानाशी बीज को पहचान कर अलग करे यदि एक भी दाना सत्यानासी का मिले तो उस सरसो या राई का प्रयोग ना करे और ना ही उससे निकले तेल का. 
2.8. कालीमिर्च में मिलावटी तत्व की जांच और दुष्प्रभाव (Detection of adulterant in Black pepper and their health effect): 
मिलावटी तत्व :
  • पपीते का बीज 
  • मिनरल आयल की परत वाला कालीमिर्च. 

2.8.1. काली मिर्च में पपीते के बीज की मिलावट - Adulteration of Papaya Seed in Black Paper: 
१- लगभग ग्राम काली मिर्च एक गिलास अल्कोहल में डाले   २- यदि मिनट बाद भी  यदि कुछ बीज तैरते रहे तो उसमे पपीते के बीज मिले हुए है या काली मिर्च के खोखले बीज है 
  • तैरते हुए बीज से कुछ बीज निकाले और उंगलियो के से दबाये यदि खोखला कालीमिर्च होगा तो आसानी से टूट जायेगा। 
  • पपीते के बीज को आसानी से पहचान कर अलग किया जा सकता है। पपीते का बीज आकार में गोल और रंग में हरा-भूरा या भूरा-काला दिखायी देता है। 
2.8.2. मिनरल आयल की परत वाला कालीमिर्च:
  • यदि कालीमिर्च पर मिनरल आयलयानी केरोसिन या मशीन में डालने वाले तेल की परत चढ़ी होगी तो उसमे से केरोसिन आयल की महक आएगी। 
2.9. लौंग में मिलावट की जांच और दुष्प्रभाव (Detection of adulterant in Clove and their Health Effect):

2.9.1. मिनरल आयल की परत वाला लौंग :

  • यदि लौंग पर मिनरल आयलयानी केरोसिन या मशीन में डालने वाले तेल की परत चढ़ी होगी तो उसमे से केरोसिन आयल की महक आएगी। 
2.9.2. तेल निकले हुये लौंग की पहचान (Exhausted clove):
  • तेल निकले हुए लौंग की पहचान उसके छोटे आकार और सिकुड़े होने से होती है। ऐसे लौंग में असली लौंग की अपेछा कैम खुसबू होती है।