सुरक्षित सौंदर्य उत्पाद कैसे खोजें? How to find safe cosmetics? – मिलावटी कॉस्मेटिक से होने वाले नुकसान

मिलावटी कॉसमेटिक प्रोडक्ट्स :
कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स कब मिलावटी कहे जाते है : 

- यदि इसमे कोई जहरीला , नुकसान पहुचाने वाला तत्व मिला हो या 
- यदि प्रोडक्ट में कोई एक्सट्रेनेस मटेरियल , या कोई डिकोम्पोसेड सुब्स्टेन्सस।
- यदि कॉस्मेटिक प्रोडक्ट ऐसी जगह पाना हो जो unsanitory कंडीशन हो।
- यदि कंटेनर सही न हो।  

नकली या कॉपी किया हुआ कॉस्मेटिक या किसी ब्रांडेड प्रोडक्ट की तरह दिखने वाला कॉसमेटिक :


-  यदि प्रोडक्ट पे गलत क्लेम हो या नकली लेबल लगा हो। 
- यदि प्रोडक्ट पे कंपनी का नाम न हो , बैच नंबर न हो, एड्ड्रेस न हो।  
- और सबसे बड़ी बात ऐसी कंपनी का सामान बिलकुल न ख़रीदे जो पैकेजिंग दूसरे से करवाती है और बेचती खुद के नाम पे है। 


सौंदर्य उत्पादों में पाए जानेवाले हानिकारक रसायन / Toxic ingredients in cosmetics to be avoided –

  • खुशबुदार करने के लिए इस्तेमाल किये गए रसायनों से दमा, एलर्जी, बांझपन और हॉर्मोन असंतुलन जैसी समस्याएँ पैदा होती हैं| इसलिए ऐसे रसायन कम मात्रा में इस्तेमाल किये जाने चाहिए| 
  • पैराबेंस रसायन सौंदर्य उत्पादों में परिरक्षक के रूप में इस्तेमाल किया जाता है| यह रसायन मनुष्य की त्वचा से उसके शरीर में प्रवेश करते हैं जिससे पुरुषों के प्रजनन प्रणाली में समस्या पैदा हो सकती है और महिलाओं में स्तनों के कैंसर हो सकता है|पैराबेंस रसायन कई शैम्पू, लोशन,स्क्रब में इस्तेमाल किया जाता है| यह रसायन मनुष्य की प्रकृति पर बुरा असर दिखाता हैं| पैराबेंस सौंदर्य उत्पादों/सौंदर्य प्रसाधन में कीटाणु की पैदावार को रोकता है| यह रसायन त्वचा में आसानी से सोख लिए जाता है और इंसानों के पाचन संस्था और खून में भी मिल जाते हैं| इस कारण एलर्जी, प्रजनन प्रणाली में समस्या और शरीर की प्रतिकार क्षमता कम होती है|
  • ट्राईक्लोसान रसायन कीटाणुओं से सौंदर्य उत्पादों को बचाने के लिए साबुन और शैम्पू जैसे उत्पादों में इस्तेमाल किया जाता है| इस रसायन से थाइरोइड ग्रंथि को हानि होती है| यह रसायन लिपस्टिक में भी पाया जाता है जिस कारण एलर्जी हो सकती है|
  • फॉर्मलडीहायड रसायन से कैंसर होने का ख़तरा होता है|
  • सोडियम लौरेथ सल्फेट शैम्पू और स्क्रब में इस्तेमाल किये जाता है | इससे कैंसर होने का ख़तरा होता है| यह कई क्रीम उत्पादों में इस्तेमाल किया जाता है| यह त्वचा की सोखने की क्षमता को बढाता है|

कैसे बच सकते है मिलावटी कास्मेटिक से :

ऐसी कंपनी का सामान बिलकुल न ख़रीदे जो पैकेजिंग दूसरे से करवाती है और बेचती खुद के नाम पे है।
 - किसी अच्छे स्टोर से ख़रीदे  
- ऑनलाइन परचेस डायरेक्ट कंपनी के वेबसाइट से ख़रीदे। 

पर्सनल केयर उत्पादों में विषैले तत्वों के नुकसान:

  • महिलाओं के हाइजीन उत्पाद, जैसे टैम्पॉन तथा सैनिटरी पैड्स (tampons and sanitary pads) काफी तरह के विषैले तत्वों, जीवाणुओं तथा कीटनाशकों से भरपूर होते हैं। ऐसा पाया गया है कि एक सैनिटरी पैड 4 प्लास्टिक बैग (plastic bag) के बराबर होती है। इनमें मौजूद केमिकल्स (chemicals) से (endocrine disruption), दिल की बीमारियां तथा कैंसर (cancer) भी हो सकता है। टैम्पॉन तथा सैनिटरी पैड्स में सिंथेटिक फाइबर्स (synthetic fibers), डायोक्सिन (dioxins) तथा पेट्रोकेमिकल (petrochemical) मिले होते हैं। ऐसा भी हो सकता है कि ये टैम्पॉन बैक्टीरिया (bacteria) के संपर्क में आकर उनके पैदा होने की अच्छी जगह बन जाएं। इससे टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम (toxic shock syndrome) तथा इससे मौत भी हो सकती है।
  • त्वचा हमारे शरीर का सबसे बड़ा अंग होती है। त्वचा, खासकर गुप्तांगों में, काफी पतली होती है। कोमल त्वचा पर केमिकल्स का प्रयोग उनका सेवन करने से भी ज़्यादा खतरनाक है। सेवन करने पर आपकी थूक और पेट मिलकर इन विषैले तत्वों को तोड़ते हैं तथा इन्हें शरीर से बाहर निकाल देते हैं। परन्तु इनका त्वचा पर प्रयोग करने से ये सीधे रक्त वाहिनियों में चले जाते हैं और हमारे कोमल अंगों पर हमला करते हैं।
  • डायोक्सिन क्लोरीन (chlorine) से बनता है जिसका आमतौर पर ब्लीच (bleach) तथा सैनिटरी पैड्स को सफ़ेद करने के लिए प्रयोग में लाया जाता है। इन पैड्स तथा टैम्पॉन से निकलने वाला यह विषैला तत्व शरीर के फैटी कोशिकाओं (fatty tissues ) में इकठ्ठा होता रहता है और इसके फलस्वरूप प्रजनन अंगों (reproductive organs) तथा पेट में कोशिकाओं की सामान्य से ज़्यादा बढ़त हो जाती है। इससे आपके सारे शरीर में कोशिकाओं की असामान्य बढ़त होने लगती है और शरीर में हॉर्मोन तथा एंडोक्रिन के स्तर (hormonal and endocrine balance) में असमानता आ जाती है।
  • महिलाओं के ज़्यादातर हाइजीन उत्पाद सेल्यूलोस (cellulose), विस्कोस (viscose), रेयॉन (rayon) तथा लकड़ी के गूदे से बने होते हैं। पैड के रेयॉन और विस्कोस फाइबर गुप्तांग की दीवार पर चिपक जाते हैं और शरीर के अंदर छूट जाते हैं। इससे टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम (toxic shock syndrome) होने की संभावना बढ़ जाती है।
सुरक्षित सौंदर्य उत्पाद कैसे खोजें? (How to find safe cosmetics? – beauty saman ke nuksan)
स्टेसी मालियान जो सुरक्षित सौंदर्य प्रसाधनों के लिए अभियान के सह-संस्थापक हैं वह सौंदर्य उत्पादों की सुरक्षा की जांच करने के लिए पर्यावरण कार्य समूह की वेबसाइट पर खोज की सिफारिश करते है। उन्होंने सभी सामग्री और विदेशी देशों में प्रतिबंधित रसायनों की एक सूची का खुलासा करने की प्रतिज्ञा की है| प्राकृतिक मेकअप सावधानी से किया जाना चाहिए। जैविक खाद्य पदार्थ निर्माताओं के लिए कुछ सख्त कानून हैं, लेकिन ऐसे कोई कानून सौंदर्य उत्पाद के उद्योग के लिए नहीं हैं और इसलिए यह सौंदर्य प्रसाधनों से हानिकारक तत्व निकालना मुश्किल है। कई लिपस्टिक में सीसा पाया गया है जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। प्राकृतिक सौंदर्य, इसलिए हल्के रंग का लिपस्टिक उपयोग करने की सलाह दी गयी है।
सुरक्षित प्रसाधन सामग्री के लिए अभियान यह धार्मिक, पर्यावरण, महिलाओं और उपभोक्ता समूहों का एक संयोजन है जोकैंसर,जन्म दोष और स्वास्थ्य के साथ जुड़े जहरीले रसायनों का उपयोग करने से बचने के लिए भोजन, स्वास्थ्य और सौंदर्य उद्योग का अनुरोध द्वारा लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए एक लक्ष्य के साथ काम कर रहे हैं। प्राकृतिक सौंदर्य, सुरक्षित सौंदर्य प्रसाधन, प्राकृतिक और नकली उत्पादों का अंतर खोजने के लिए उपभोक्ताओं को मदद करने के लिए नए उद्योग के मानकों के अभियान द्वारा प्रणाली विकसित की जा रही हैं।
  महिलाओं के उत्पादों में विषैले पदार्थों के नुकसान:



सारी दुनिया में महिलाएं शैम्पू (shampoo), मॉइस्चराइज़र्स (moisturizers), क्रीम्स (creams), लोशन्स (lotions) आदि सौंदर्य तथा घरेलू उत्पाद प्रयोग में लाती हैं। वे कुछ और हाइजीन केयर उत्पाद (hygiene care products) जैसे पैड्स (pads), टैम्पोन्स (tampons), वाइप्स (wipes) तथा वैजाइना डूश (vaginadouche) भी इस्तेमाल करती हैं। इनमें से ज़्यादातर उत्पाद ऐसे कुछ तत्वों का प्रयोग करते हैं, जो आपके लिए हानिकारक हो सकते हैं। इन उत्पादों में मौजूद विषैले त्वचा के संपर्क में आने पर सीधे आपके रक्त में चले जाते हैं तथा शरीर के संवेदनशील अंगों पर हमला करते हैं।

महिलाओं के विषैले हाइजीन उत्पादों के विकल्प :

  • सौभाग्य से ऐसे कुछ सुरक्षित विकल्प बाज़ार में उपलब्ध हैं जो महिलाओं के निजी उत्पादों में मिलने वाले केमिकल्स के खतरों से निपटने की क्षमता रखते हैं।
  • टैम्पॉन और सैनिटरी पैड्स जो सूती की लाइनिंग (cotton lining), सूती के जैविक टैम्पॉन (organic cotton tampon), क्लोरीन मुक्त टैम्पॉन तथा जैविक पैड्स होते हैं, वे प्रयोग करने के लिए सुरक्षित होते हैं।
  • सुगन्धित निजी उत्पाद काफी हानिकारक होते हैं, क्योंकि सौंदर्य प्रसाधन, इन्हें बनाने में कई केमिकल्स का प्रयोग किया जाता है। बिना किसी खुशबू वाले उत्पादों का प्रयोग करें जिन्हें क्लोरीन से ब्लीच (bleach) ना किया गया हो और जो शुद्ध जैविक सूती से बने हों।
  • इन विषैले टैम्पॉन तथा सैनिटरी पैड्स का एक आदर्श विकल्प दोबारा प्रयोग में लाए जा सकने वाले प्राकृतिक गम रबर मेंस्ट्रुअल कैप्स (natural gum rubber menstrual caps) होते हैं। यह एक महँगा उत्पाद है, पर आपको ये कीमत एक बार ही देनी होगी और हर महीने पैड्स खरीदने के खर्चे से आप बच सकेंगे। मेंस्ट्रुअल कैप्स (menstrual caps) आरामदायक, प्रभावी तथा प्रयोग करने में आसान हैं।






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